अनूपपुर, 14 जुलाई।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने युवाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की यही विरासत उनकी वास्तविक पहचान है जिसे आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाकर रखना हर युवा का दायित्व है।
जिले में आयोजित 'युवा संवाद' कार्यक्रम में आर्य ने कहा कि युवाओं को सिर्फ सरकारी नौकरी के भरोसे नहीं रहना चाहिए। उन्हें कौशल विकास और नवाचार के जरिए उद्यमी बनने का लक्ष्य रखना चाहिए ताकि वे दूसरों को भी रोजगार दे सकें।
उन्होंने शिक्षा, तकनीकी दक्षता और आत्मनिर्भरता को सफलता की कुंजी बताया। युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने और संविधान के मूल्यों का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
अध्यक्ष ने साफ तौर पर कहा कि जनजातीय समाज को धर्म परिवर्तन, भ्रामक आंदोलनों और विवादों जैसी गतिविधियों से दूर रहना चाहिए। युवाओं को सजग रहकर सरकार की जनहितकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए आगे आना चाहिए।
इस दौरान उन्होंने आयोग के संवैधानिक कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह संस्था आदिवासियों के अधिकारों की सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में अध्यक्ष ने विद्यार्थियों से शिक्षा की गुणवत्ता और भविष्य की योजनाओं पर सार्थक चर्चा की। उन्होंने व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए युवाओं से सुझाव भी मांगे।

















