नई दिल्ली, 14 जुलाई।
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध और आतंकवाद जैसी चुनौतियों से मुकाबले के लिए अमेरिका और कनाडा के साथ मिलकर लगातार काम कर रहा है। मंत्रालय का कहना है कि इस दिशा में तीनों देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच पिछले कई वर्षों से सहयोग जारी है और समय के साथ यह और अधिक मजबूत हुआ है।
साप्ताहिक प्रेस वार्ता में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से विभिन्न देशों में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ दाखिल अभियोग और प्रवर्तन कार्रवाई से जुड़ी घोषणाओं का भारत ने संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि भारत का लगातार यह मानना रहा है कि अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, अवैध हथियारों की तस्करी और उनसे जुड़े आपराधिक नेटवर्क समाज के लिए गंभीर खतरा हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच आतंकवाद तथा अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ सहयोग लगातार प्रभावी, मजबूत और व्यापक होता जा रहा है। दोनों देशों की एजेंसियां वर्षों से मिलकर काम कर रही हैं और यह समन्वय निरंतर गहराता जा रहा है।
कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) के उप आयुक्त की टिप्पणियों पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने इन बयानों का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि ये टिप्पणियां हाल में सार्वजनिक किए गए अमेरिकी अभियोग के अनुरूप हैं, जिनमें लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े संगठित अपराध समूह के सदस्यों को जिम्मेदार ठहराया गया है। उन्होंने दोहराया कि भारत अपने सहयोगी देशों के साथ कानून प्रवर्तन और सुरक्षा सहयोग के माध्यम से आतंकवाद तथा अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध से मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध है।
गौरतलब है कि जुलाई की शुरुआत में अमेरिका ने ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। अमेरिकी न्याय विभाग के आरोपपत्र में हत्या, जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और वर्ष 2023 में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश सहित कई गंभीर आरोप शामिल किए गए हैं।

















