भोपाल, 14 जुलाई।
मध्य प्रदेश की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनहितैषी बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए तथा विभिन्न बस्तियों में नियमित स्वास्थ्य शिविर और जांच अभियान आयोजित किए जाएं, ताकि आमजन स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों और अधिक से अधिक लोग सरकारी अस्पतालों की सेवाओं का लाभ उठा सकें।
राज्यमंत्री मंगलवार को भोपाल स्थित हथाईखेड़ा सिविल अस्पताल में आयोजित रोगी कल्याण समिति की बैठक को संबोधित कर रही थीं। बैठक के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और मरीजों को प्रदान की जा रही सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
कृष्णा गौर ने कहा कि अस्पताल में किसी भी प्रकार की कमी या समस्या को लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को बेहतर उपचार और सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि रोगियों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है और अस्पताल की कार्यप्रणाली भी उसी अनुरूप संचालित होनी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से क्षेत्रीय स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत करने पर भी जोर दिया।
बैठक के बाद राज्यमंत्री ने अस्पताल का निरीक्षण कर विभिन्न वार्डों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य, उपचार व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से चिकित्सकीय सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और अस्पताल स्टाफ के व्यवहार के संबंध में भी फीडबैक प्राप्त किया।
निरीक्षण के दौरान कृष्णा गौर ने प्रत्येक वार्ड का बारीकी से अवलोकन किया और चिकित्सकों व अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने अस्पताल परिसर की स्वच्छता, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की कार्यशीलता और मरीजों की सुविधा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाए रखने पर विशेष बल दिया।

















