श्रीनगर, 15 जुलाई।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने साफ कर दिया है कि दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस पूरी तरह अडिग है। इजाज़त मिले या न मिले, पार्टी का दिल्ली जाने का कार्यक्रम 19 जुलाई को ही होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के छीने गए अधिकारों की बहाली उनका प्रमुख एजेंडा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस राजनीतिक मुद्दे पर उनकी पार्टी का रुख स्पष्ट है और किसी भी परिस्थिति में अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में वे कोई बदलाव नहीं करेंगे।
उमर अब्दुल्ला ने पुरानी यादें ताजा करते हुए बताया कि जब डॉ. मुस्तफ़ा कमाल की तबीयत नाजुक थी, तब भी पार्टी ने जम्मू के अपने कार्यक्रम को रद्द नहीं किया था। उन्होंने कहा कि जब तब हमने हिम्मत नहीं हारी, तो अब दिल्ली के प्रदर्शन को रोकने का सवाल ही नहीं उठता।
मुख्यमंत्री ने अपने नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भले ही प्रशासन से अनुमति मिले या न मिले, 19 जुलाई को दिल्ली के लिए निकलना तय है। उन्होंने धैर्य रखने के साथ-साथ किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक योजना भी तैयार रखने की बात कही है।
उमर ने कहा कि हम जानते हैं कि कब सब्र करना है और कब आगे बढ़ना है। हम पूरी तरह से अपनी तैयारी के साथ आगे बढ़ रहे हैं और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए हर संभव विकल्प खुले रखेंगे।















