जम्मू, 15 जुलाई।
जम्मू विश्वविद्यालय ने एक विवादित पुस्तक के प्रकाशन और उसमें देश-विरोधी तत्वों के महिमामंडन के आरोपों के बाद कड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित लेखकों और पब्लिशर्स को ब्लैकलिस्ट करते हुए उन पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है।
विश्वविद्यालय के सभी विभागों को आदेश दिया गया है कि वे अपने परिसरों, लाइब्रेरी और डिजिटल रिपॉजिटरी से ऐसी सभी आपत्तिजनक सामग्री को तत्काल हटा दें। यह निर्णय स्कूल शिक्षा विभाग के पूर्व जारी निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। अब भविष्य में भी इन पब्लिशर्स से कोई भी सामग्री नहीं खरीदी जाएगी।
इस विवाद की जड़ में 'पर्सनैलिटीज एंड लेजेंड्स ऑफ़ जम्मू कश्मीर' नामक पुस्तक है। हिलाल अहमद, संतोष मीना और डॉ. सुशांत गिरी जैसे लेखकों तथा ओबेरॉय बुक सर्विस और अनुराग प्रकाशन जैसे पब्लिशर्स पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन ने इसके लिए एक मजबूत स्क्रीनिंग मैकेनिज्म बनाने का भी निर्णय लिया है।
विवादित पुस्तक को लेकर जम्मू स्थित काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच तेज कर दी है। अब तक मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इस गंभीर प्रकरण में संलिप्तता पाए जाने पर शिक्षा विभाग के आठ अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने भी सभी सरकारी और निजी संस्थानों को अपने यहाँ मौजूद किताबों की गहन समीक्षा करने का निर्देश दिया है। आपत्तिजनक कंटेंट को रोकने के लिए एक पैनल का गठन किया जाएगा, जो समय-समय पर रैंडम जांच के जरिए ऐसी सामग्री पर नजर रखेगा।















