अनूपपुर, 15 जुलाई।
जिले में मानसून की बेरुखी से अन्नदाता संकट में हैं। बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने के कारण खेतों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी होती जा रही हैं।
आसमान में बादलों की आवाजाही तो हो रही है, लेकिन झमाझम बारिश नदारद है। उमस भरी गर्मी और तेज धूप से खेतों की नमी पूरी तरह खत्म हो गई है। धान की नर्सरी तैयार होने के बाद भी किसान पानी के अभाव में रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
किसान मनराज केवट के अनुसार, अब तक पर्याप्त बारिश नहीं होने से रोपाई का काम रुका हुआ है। जिन्होंने सिंचाई के सहारे रोपाई की भी थी, उन्हें फसल सूखने का डर सता रहा है। सोन, चंदास और केवई जैसी प्रमुख नदियां अब भी सूखी पड़ी हैं।
भू-अभिलेख विभाग के प्रदीप मोगरे का कहना है कि मानसून पश्चिमी हवाओं के कारण सुस्त पड़ गया है। जिले में अब तक महज 237.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष के 410.9 मिमी की तुलना में आधी है।
















