नई दिल्ली, 16 जुलाई।
रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाले एएफएचक्यू कैडर के कर्मचारियों का गुस्सा अब सड़कों पर उतरने को तैयार है। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के नेतृत्व में ग्रुप 'बी' और 'सी' के कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर आगामी 29 जुलाई को दिल्ली के डिफेंस ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।
कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि रक्षा मंत्रालय द्वारा की जा रही कैडर समीक्षा में निचले ग्रेड के कर्मचारियों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र (जेसीएम) की बैठकों में मिले आश्वासन के बावजूद प्रशासन ने अब तक पारदर्शिता नहीं बरती है और न ही कर्मचारियों से विचार-विमर्श किया है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में सेक्शन ऑफिसर ग्रेड में सीधी भर्ती कोटा 50 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करना और एएसओ से एसओ पदोन्नति की धीमी प्रक्रिया को तेज करना शामिल है। साथ ही, मल्टी टास्किंग स्टाफ की 15 वर्षों से रुकी पहली पदोन्नति को लागू करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई जा रही है।
बीएमएस के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. दीपेंद्र चाहर ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन को बार-बार ज्ञापन देने के बाद भी समस्याएं हल नहीं हुई हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि यह आंदोलन पूरी तरह अनुशासित रहेगा और इससे सरकारी कामकाज में कोई बाधा नहीं आएगी। उनका एकमात्र उद्देश्य उच्चाधिकारियों का ध्यान आकर्षित कर कर्मचारियों को न्याय दिलाना है।













