जींद, 16 जुलाई।
भारतीय रेलवे एक नई और ऐतिहासिक शुरुआत के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रधानमंत्री शुक्रवार को हरियाणा के जींद स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह ट्रेन जींद-सोनीपत रूट पर अपना सफर तय करेगी।
यह अत्याधुनिक ट्रेन पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है। बिजली के तारों पर निर्भर रहने के बजाय, यह हवा की ऑक्सीजन और हाइड्रोजन के जरिए खुद बिजली तैयार करती है। इसमें से कार्बन उत्सर्जन के बजाय सिर्फ जलवाष्प और गर्मी ही बाहर निकलती है।
इस ट्रेन में 10 कोच हैं, जिनमें आठ यात्री कोच और दो पावर कार शामिल हैं। करीब 2,600 यात्रियों की क्षमता वाली यह ट्रेन दुनिया की सबसे बड़ी हाइड्रोजन यात्री ट्रेनों में से एक है। इसकी डिजाइन गति 110 किमी प्रति घंटा है, जिसे इस मार्ग पर 75 किमी की रफ्तार से चलाया जाएगा।
सुरक्षा के लिए इसमें सेंसर और आधुनिक अग्निशमन प्रणाली लगाई गई है। साथ ही, जींद में देश की सबसे बड़ी रेलवे हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग सुविधा भी तैयार की गई है। भविष्य में इसे कालका-शिमला जैसे अन्य मार्गों पर भी चलाने की महत्वाकांक्षी योजना है।












