वाराणसी, 16 जुलाई।
शहर के सिगरा स्थित रुद्राक्ष सेंटर में आयोजित ‘वीबी-जीरामजी’ पंच सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने देशभर से आए ग्राम सभा प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए सशक्त ग्राम सभाओं का निर्माण सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जब हम एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करते हैं, तभी उसकी प्राप्ति संभव हो पाती है। उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब तक 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।
गरीबों की सुध लेते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने अपने व्यक्तिगत जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि नौ वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने देखा है कि पहले कैसे इलाज के अभाव में गरीब परिवार कर्ज के जाल में फंस जाते थे, लेकिन आयुष्मान भारत योजना ने अब हर जरूरतमंद के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के द्वार खोल दिए हैं। साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश को पूरी तरह झोपड़ी-मुक्त राज्य बनाने का संकल्प दोहराया और कहा कि प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन इस दिशा में निरंतर मिल रहा है।
सम्मेलन में मौजूद ग्राम प्रधानों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अपने गांवों में इतना विकास करना चाहिए कि उनका कार्य ही उनकी पहचान बन जाए। महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष बल देते हुए उन्होंने प्रधानों से कहा कि वे अपने क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की योजनाओं को गति दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य में 'डबल इंजन' की सरकार के पास विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। अंत में, उपमुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे गांव-गांव को विकसित बनाकर राष्ट्र निर्माण की यात्रा को गांव से ही शुरू करें।











