हरिद्वार, 16 जुलाई।
कनखल स्थित शिवायतन आश्रम में गुरुवार को निवंदू पुरी महाराज की पुण्यतिथि पूरे विधि-विधान और भक्तिपूर्ण माहौल में मनाई गई। इस आध्यात्मिक आयोजन में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज सहित आवाहन अखाड़े के वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में संत-महात्मा शामिल हुए। सभी संतों ने दिवगंत संत के चित्र के समक्ष शीश नवाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके द्वारा किए गए अमूल्य आध्यात्मिक कार्यों को याद किया।
श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि निवंदू पुरी महाराज का पूरा जीवन सनातन धर्म और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा कि उनके उच्च आदर्श आज के समय में भी संत समाज के लिए एक मशाल की तरह हैं और हमें उनके दिखाए हुए मार्ग पर आगे बढ़कर अपनी प्राचीन संस्कृति व आध्यात्मिक परंपराओं को संजोना चाहिए।
श्रीमहंत गोपाल गिरि ने इस अवसर पर कहा कि संत भले ही भौतिक रूप से हमारे बीच न हों, लेकिन उनके विचार और तपस्या की ऊर्जा सदैव समाज को राह दिखाती है। कार्यक्रम में भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वातावरण भक्तिमय हो गया और संतों ने विश्व कल्याण व शांति के लिए प्रार्थना की। आयोजन के समापन पर बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।











