कोरबा, 16 जुलाई।
जिले में साइबर ठगों द्वारा डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने की कोशिश का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर एक आयुर्वेद चिकित्सक को तीन दिनों तक मानसिक दबाव में रखा और उनके बैंक खाते से 40 लाख रुपये ऐंठने की साजिश रची।
डॉ. गौतम प्रसाद नेताम को ठगों ने कॉल कर उनके नाम पर सिम जारी होने और अश्लील सामग्री के प्रसार का आरोप लगाया। वीडियो कॉल पर मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर चिकित्सक और उनकी सेवानिवृत्त प्राचार्य पत्नी को घर में ही कैद रहने पर मजबूर कर दिया गया। लगातार धमकियों से दंपत्ति काफी तनाव में आ गए थे।
मामला तब बढ़ा जब जालसाजों ने चिकित्सक पर 40 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। संदेह होने पर चिकित्सक ने अपने मित्र से सलाह ली और तुरंत साइबर सेल का दरवाजा खटखटाया। प्रभारी ललित चंद्रा ने तत्परता दिखाते हुए बैंक को सतर्क किया और चिकित्सक की जमा-पूंजी सुरक्षित करा ली।
साइबर सेल ने स्पष्ट किया है कि भारत की कोई भी जांच एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी नहीं करती है। साइबर अपराधियों के इस तरह के हथकंडों से बचने की अपील की गई है। सतर्कता ही इस तरह के साइबर अपराध से बचाव का सबसे कारगर उपाय है।











