जलपाईगुड़ी, 16 जुलाई।
जिले में 'हाउसिंग फॉर ऑल' योजना में बड़े पैमाने पर धांधली का खुलासा हुआ है। सरकारी मदद हासिल करने के बाद भी घर न बनाने वाले लाभार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। नगरपालिका के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2015 से 2022 के बीच करीब 8,038 लोगों को आवास के लिए राशि दी गई, जिनमें से 632 लोगों ने निर्माण कार्य शुरू ही नहीं किया। वित्तीय वर्ष 2015-16 में यह संख्या मात्र सात थी, जो 2018-19 में 240 और 2021-22 में 202 तक पहुंच गई, जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
सिर्फ निर्माण में देरी ही नहीं, बल्कि फर्जीवाड़ा का खेल भी खूब चला है। कई लोगों ने सरकारी नियमों को ठेंगा दिखाते हुए खाली जमीन दिखाकर अनुदान लिया और पुराने मकानों की छत पर ही निर्माण कार्य कर लिया। यह योजना के मूल नियमों का सीधा उल्लंघन है, जिसके तहत आवंटित भूमि पर ही घर का निर्माण करना अनिवार्य होता है। इस अनियमितता को लेकर नगरपालिका प्रशासन ने अब मोर्चा खोल दिया है।
नगरपालिका बोर्ड की बैठक में मामला उठने के बाद नोटिस और चेतावनियों का दौर चला, लेकिन अधिकतर लाभार्थियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। नगरपालिका चेयरमैन सैकत चट्टोपाध्याय ने अब कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि काम में हीलाहवाली करने वालों के खिलाफ कानूनी डंडा चलेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जियो-टैगिंग में गड़बड़ी पाए जाने पर अगली किस्त तो रुकी ही रहेगी, साथ ही सरकारी राशि की रिकवरी के लिए भी सख्ती बरती जाएगी।










