काठमांडू, 16 जुलाई।
भारत में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विदेशी छात्रों में नेपाली छात्र सबसे बड़ी संख्या में शामिल हैं। शिक्षा मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अध्ययनरत कुल 58,134 विदेशी छात्रों में से 24.1 फीसदी विद्यार्थी केवल नेपाल से हैं।
भारत में शिक्षा के प्रति बढ़ते आकर्षण का मुख्य कारण भौगोलिक निकटता के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और कम खर्चीली पढ़ाई है। छात्रों को वहां पढ़ाई के लिए किसी वीज़ा की भी जरूरत नहीं पड़ती, जिससे आवागमन बेहद सुगम हो जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय विश्वविद्यालयों का समयबद्ध शैक्षणिक कैलेंडर छात्रों की पहली पसंद है। नेपाल में स्नातक स्तर की पढ़ाई चार साल की होने और समय पर सत्र न शुरू होने के कारण भी विद्यार्थी भारत का रुख करते हैं, जहां कोर्स तीन साल में पूरा हो जाता है।
इसके अतिरिक्त सांस्कृतिक समानता और रहन-सहन की सरलता भी नेपाली युवाओं को भारत की ओर आकर्षित करती है। मई 2024 से मार्च 2026 के बीच नेपाल सरकार द्वारा 14,720 छात्रों को एनओसी जारी की गई है, हालांकि कई छात्र बिना एनओसी के भी वहां पढ़ाई के लिए पहुंच जाते हैं।













