श्रीनगर, 16 जुलाई।
जम्मू-कश्मीर में विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार को लेकर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और विधायक सज्जाद लोन ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदारों की दरों में संशोधन न होने के कारण घाटी के महत्वपूर्ण सड़क निर्माण और विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। लोन के अनुसार, ठेकेदार बढ़ती लागत का हवाला देते हुए दरों में बदलाव की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की बेरुखी से निर्माण परियोजनाओं का कार्य-मौसम बर्बाद हो रहा है।
लोन ने स्पष्ट किया कि वैश्विक बाजार में आई अस्थिरता और ईरान-अमेरिका संघर्ष जैसी स्थितियों के चलते पेट्रोलियम से जुड़े इनपुट की कीमतें काफी बढ़ गई हैं, जिससे निर्माण सामग्री महंगी हो गई है। सरकार ने यद्यपि बजट का आवंटन कर दिया है, लेकिन धरातल पर काम न शुरू होने से आम जनता को परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार की इस नीति पर सवाल खड़े किए कि केवल कागजी आंकड़ों और बजटीय अनुमानों के दम पर विकास का दावा किया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यह गतिरोध जल्द नहीं टूटा, तो मौजूदा कार्य-अवधि पूरी तरह व्यर्थ चली जाएगी और प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाएं अगले साल के लिए टल सकती हैं। सज्जाद लोन ने अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है ताकि दर विवाद को सुलझाकर परियोजनाओं को गति दी जा सके। उन्होंने सरकार को नसीहत दी कि अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए केवल सांख्यिकी का सहारा न लिया जाए, बल्कि व्यावहारिक कदम उठाकर विकास को नई दिशा दी जाए।










