कोलकाता, 23 जुलाई।
कलकत्ता उच्च न्यायालय की ओर से निर्धारित सख्त दिशा-निर्देशों की अवहेलना करने के गंभीर मामले में पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई कोलकाता के हेस्टिंग्स थाने में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर अमल में लाई गई है।
पुलिस के आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अदालत द्वारा तारामंडल के समीप स्थित कैथेड्रल रोड पर सभा करने की अनुमति प्रदान की गई थी। न्यायपालिका द्वारा यह साफ निर्देश दिया गया था कि कार्यक्रम के दौरान सड़क के केवल एक हिस्से का ही उपयोग किया जाए तथा दूसरी लेन को आम जनता के यातायात के लिए पूरी तरह से अबाध रखा जाए ताकि शहर में जाम के हालात न बनें। मगर पुलिसिया रिपोर्ट के मुताबिक आयोजन के वक्त निर्धारित सीमा से इतर दोनों लेन पर भारी भीड़ जुट गई, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई।
इस प्रकार भारी आवागमन बाधित होने के कारण प्रशासन को विक्टोरिया मेमोरियल के पास से गुजरने वाले तमाम वाहनों के रूट में अचानक परिवर्तन करना पड़ा, जिसका बुरा असर महानगर के अन्य हिस्सों पर भी पड़ा और चारों तरफ जाम की स्थिति बन गई। पुलिस का यह स्पष्ट दावा है कि न्यायालय के स्पष्ट और कड़े आदेशों के बाद भी आयोजकों द्वारा नियमों की जानबूझकर धज्जियां उड़ाई गईं, जिसे सीधे तौर पर अदालत की अवमानना का कृत्य माना जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम के मद्देनजर सभा के प्रबंधकों तथा कालीघाट तृणमूल इकाई के जिम्मेदार पदाधिकारियों के विरुद्ध सड़क अवरुद्ध करने और कानूनी निर्देशों का उल्लंघन करने के विभिन्न गंभीर आरोपों के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू कर दी है और वीडियो फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की शिनाख्त करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।









