नई दिल्ली, 23 जुलाई।
संसद के उच्च सदन में पेपर लीक के मुद्दे पर भारी हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि सरकार इस विषय पर बात करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत से पहले कांग्रेस पार्टी की तरफ से तरह-तरह की शर्तें थोपी जा रही हैं जिससे मामला उलझ रहा है।
उन्होंने यह भी साफ किया कि इस संवेदनशील विषय का राजनीतिकरण बिल्कुल नहीं किया जाना चाहिए और बिना किसी पूर्व शर्त के सदन में चर्चा होनी चाहिए। प्रधानमंत्री के बयानों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में सख्त सजा के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाई जाएंगी।
दूसरी तरफ विरोधी दल के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री के बयान को भड़काने वाला करार दिया है। खरगे का कहना है कि निष्पक्ष माहौल में चर्चा सुनिश्चित करने के लिए शिक्षामंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना ही होगा। इन तीखी नोकझोंक और लगातार जारी हंगामे के चलते सभापति ने सदन की कार्यवाही को दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।










