तेहरान, 23 जुलाई।
अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बुशहर पर हवाई हमला किया है। यह शहर ईरान के एकमात्र नागरिक परमाणु संयंत्र के लिए जाना जाता है। लगातार 12वीं रात किए गए अमेरिकी हमलों के बीच ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका के सहयोगी देशों की दिशा में ड्रोन और मिसाइलें दागीं। इसके बाद कुवैत ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी। इस घटनाक्रम के बीच यमन के ईरान समर्थक हूती भी खुलकर सक्रिय हो गए हैं।
बुशहर के गवर्नर मोहम्मद मुजफ्फरी ने बताया कि अमेरिकी हमले के बाद शहर में तेज धमाका हुआ। घटनास्थल पर आपातकालीन सेवाओं की टीमें तैनात कर दी गई हैं। फारस की खाड़ी के तट पर स्थित बुशहर, बुशहर प्रांत की राजधानी है। रूस की सहायता से निर्मित ईरान का एकमात्र चालू नागरिक परमाणु ऊर्जा संयंत्र शहर के केंद्र से करीब 17 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है।
अमेरिकी मध्य कमान (सेंटकॉम) ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर पूर्वी समयानुसार शाम 5:30 बजे ईरानी सैन्य ठिकानों पर नए हमले शुरू किए गए। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य आम और व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है।
कुवैत की सेना ने बताया कि ईरान से संभावित ड्रोन हमलों को रोकने के लिए पूरे देश में वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी गई है। सेना के जनरल स्टाफ ने कहा कि ड्रोन को मार गिराने के दौरान होने वाली धमाकों की आवाज से लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी घालीबाफ ने कहा कि जब तक ईरान को सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलेगी, तब तक क्षेत्र की स्थिति में बदलाव संभव नहीं है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 27 जून से जारी अमेरिकी हमलों में अब तक कम से कम 53 लोगों की मौत हो चुकी है।
इस बीच यमन के ईरान समर्थक हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला कर उन्हें तबाह कर दिया। संगठन के टेलीग्राम पर जारी बयान में इन टैंकरों के नाम एन्सेलिया और लायला बताए गए हैं। इससे पहले सऊदी अरब के अल-शुकाइक शहर से 70 नॉटिकल मील (करीब 130 किलोमीटर) दूर एक टैंकर पर हमले की पुष्टि भी की गई थी।









