नई दिल्ली, 23 जुलाई।
दिल्ली उच्च न्यायालय में एक अहम याचिका दायर करके बीते 20 जुलाई को निकाले गए संसद मार्च की एनआईए जांच कराने की गुहार लगाई गई है। इस याचिका को मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय की पीठ के समक्ष उल्लेखित करते हुए जल्द से जल्द सुनवाई किए जाने का अनुरोध किया गया था, जिस पर अदालत ने आगामी 24 जुलाई को सुनवाई तय की है।
याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी कर रहे वकील बरुण कुमार सिन्हा ने अदालत को बताया कि यह पूरा प्रकरण एक तथाकथित छात्र आंदोलन से संबद्ध है। इस अराजक प्रदर्शन के कारण पूरी राजधानी जाम में फंस गई थी, मुख्य सड़कें अवरुद्ध कर दी गई थीं और आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। हालात का संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने 24 जुलाई के दिन इस मामले की सुनवाई मुकर्रर की है।
अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल की ओर से यह याचिका दाखिल की गई है। इसमें यह आरोप लगाया गया है कि जंतर-मंतर पर हुआ यह आंदोलन पूरी तरह से राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित था और इसके पीछे विदेशी ताकतों का गुप्त हाथ होने की आशंका है। याचिका में यह प्रमुख मांग की गई है कि इस मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर की गहन जांच का जिम्मा राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपा जाए।










