भोपाल, 23 जुलाई।
मध्य प्रदेश में एक साथ तीन शक्तिशाली मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण पिछले 60 घंटों से झमाझम बारिश का दौर लगातार बना हुआ है। राज्य के 40 से अधिक जिले इस मानसूनी आपदा और वृहद वर्षा से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के भीतर इंदौर और उज्जैन समेत कुल 17 जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की है, जिसके चलते कई अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क मार्ग का संपर्क भी बाधित हो गया है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक सूबे के ऊपर मानसून ट्रफ, ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण तथा पूर्व-पश्चिम शियर जोन एक साथ पूरी सक्रियता से काम कर रहे हैं। वैज्ञानिक शैलेंद्र कुमार नायक ने जानकारी दी कि इन मौसमी तंत्रों के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों तरफ से लगातार भरपूर नमी आ रही है, जिसकी वजह से तमाम इलाकों में कम समय के भीतर ही अत्यंत मूसलाधार बारिश दर्ज की जा रही है।
प्रशासन द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार आज के दिन आलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अतिरिक्त नीमच, रतलाम, उज्जैन, इंदौर, सीहोर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, झाबुआ, बुरहानपुर, खंडवा, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, डिंडौरी, सतना, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी रुक-रुककर तेज बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई है।
लगातार हो रही इस पानी की आवक से प्रदेश के कई अंचलों में जनजीवन काफी हद तक अस्त-व्यस्त हो गया है। टीकमगढ़ में आज सुबह से ही बादलों की आवाजाही के बीच बारिश का सिलसिला बदस्तूर जारी है। पिछले चार दिनों से रुक-रुककर बरस रहे मेघों की वजह से मौसम सुहाना बना हुआ है और जिले में अब तक औसतन 11.2 इंच पानी बरस चुका है। वहीं बड़वानी जिले के सेंधवा में भी लगातार रिमझिम बौछारें गिर रही हैं, जिससे ठंडी हवाओं ने फिजा में ठंडक घोल दी है। मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे पर स्थित बिजासन घाट में लगातार तीसरे दिन भी घना कोहरा छाया रहा, जिसके कारण वाहन चालकों को दिन के उजाले में भी अपनी गाड़ियों की हेडलाइट जलाकर सफर तय करने को विवश होना पड़ा।
राजधानी भोपाल में भी मंगलवार की रात से शुरू हुआ बारिश का यह सिलसिला अभी तक थमता नजर नहीं आ रहा है। रह-रहकर हो रही झमाझम वर्षा से पूरा शहर शीतल हो चुका है और निचले तथा जलभराव वाले कई हिस्सों में पानी भर जाने से लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आने वाले कुछ और दिनों तक राज्य के भीतर ऐसी ही मानसूनी गतिविधियां पूरी तेजी से जारी रहने की पूरी संभावना जताई है।










