नई दिल्ली, 23 जुलाई।
राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर बुधवार रात प्रदर्शन के दौरान एक बार फिर हिंसक स्थिति बन गई। टॉलस्टॉय मार्ग से संसद मार्ग के बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि कुछ लोगों ने अचानक सुरक्षाबलों पर पथराव और बोतलें फेंकना शुरू कर दिया। इस घटना में दो एसीपी, दो इंस्पेक्टर सहित करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान घायल हुए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारी खुखरी लहराते भी दिखाई दिए।
पुलिस के मुताबिक, रात करीब साढ़े आठ बजे टॉलस्टॉय मार्ग पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षाबल तैनात थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों का एक समूह वहां पहुंचा और सुरक्षाकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस का कहना है कि कुछ लोगों के हाथों में तलवार, खुखरी, डंडे और पत्थर थे, जिनका इस्तेमाल सुरक्षाबलों पर हमला करने में किया गया।
हालात बिगड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुलाया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज किया तथा स्थिति संभालने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े। कार्रवाई के बाद उपद्रवी मौके से भाग निकले, लेकिन इलाके में लंबे समय तक तनाव बना रहा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हमले में कनॉट प्लेस के एसीपी के सिर में चोट आई, जिसके बाद उन्हें तत्काल डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। अन्य घायल पुलिसकर्मियों और आरएएफ के जवानों को भी प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिंसा के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी खुलेआम तलवार और खुखरी लहराते नजर आए। पुलिस को आशंका है कि भीड़ में कुछ बाहरी असामाजिक तत्व भी शामिल हो गए थे, जिससे स्थिति अधिक गंभीर हो गई। इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। घटना के बाद टॉलस्टॉय मार्ग, संसद मार्ग और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त पुलिस और सुरक्षाबलों की कंपनियां तैनात की गई हैं। साथ ही लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की गई।










