कोलकाता, 23 जुलाई।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में उत्कृष्ट कार्यशैली का परिचय देने वाले और बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले जनप्रतनिधियों को अब हर साल सम्मानित किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष रथीन्द्र नाथ बोस ने गुरुवार को सदन की कार्यवाही के दौरान इस बात की औपचारिक घोषणा की है।
अध्यक्ष महोदय ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि जो विधायक विधानसभा के सत्रों में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे, विधायी नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाएंगे, सवाल पूछेंगे और सदन में जिनकी उपस्थिति सबसे बेहतर होगी, उन्हें ‘सर्वश्रेष्ठ विधायक’ के खिताब से नवाजा जाएगा। इस अनूठी पहल के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष एक विधायक का चयन किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि इस नई व्यवस्था को लागू करने का मुख्य उद्देश्य सभी जनप्रतिनिधियों को सदन की कार्यवाही के प्रति अधिक जवाबदेह और सक्रिय बनाना तथा संसदीय लोकतांत्रिक परंपराओं को और अधिक सुदृढ़ करना है। इससे तमाम विधायकगण अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े जनहित के मुद्दों को सदन के भीतर और अधिक प्रभावशीलता के साथ रख सकेंगे।
गौरतलब है कि भारतीय संसदीय प्रणाली के इतिहास में भी उत्कृष्ट संसदीय योगदान और प्रदर्शन को सम्मानित करने की पुरानी परंपरा चली आ रही है। भारतीय संसदीय समूह की तरफ से वर्ष 1995 से ‘आउटस्टैंडिंग पार्लियामेंटेरियन अवॉर्ड’ प्रदान किया जाता रहा है, जिसमें संसद भवन के भीतर होने वाली बहसों, पूछे जाने वाले प्रश्नों, संसदीय आचरण और उनके संपूर्ण योगदान के आधार पर सांसदों का चयन किया जाता है। इसके अतिरिक्त संसदीय कार्यों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने वाले संभ्रांत सांसदों को विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा ‘सांसद रत्न’ जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से भी अलंकृत किया जाता है।










