देहरादून, 23 जुलाई।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेपर लीक के मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन संबंधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वपूर्ण कदम का तहेदिल से स्वागत किया है। उन्होंने इसे प्रदेश और देश के नौजवानों के उज्ज्वल भविष्य तथा हितों की रक्षा के लिए उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम करार दिया है।
श्री धामी ने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री का यह दूरदर्शी निर्णय देश के लाखों मेहनतकश विद्यार्थियों की प्रतिभा और उनके भविष्य की सुरक्षा के प्रति केंद्र सरकार की अडिग प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बरकरार रखने के लिए यह निहायत जरूरी है कि ऐसे मामलों में लिप्त दोषियों के विरुद्ध तय समय सीमा के भीतर कठोरतम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
मुख्यमंत्री ने पूर्ण विश्वास जताया है कि इस प्रकार के विशेष अदालतों के गठन से पेपर लीक से जुड़े सभी प्रकरणों का निपटारा बहुत कम समय में हो जाएगा, जिससे अपराधियों को समयबद्ध तरीके से कड़ी सजा मिलेगी और आने वाले समय में इस तरह के अपराध करने वालों के मन में खौफ पैदा होगा। उन्होंने कहा कि इससे देश और राज्य के युवाओं का भर्ती परीक्षाओं तथा चयन प्रणालियों के प्रति भरोसा और अधिक प्रगाढ़ होगा।
गौरतलब है कि उत्तराखंड की सरकार पहले ही अपने राज्य स्तर पर पेपर लीक और नकल जैसी कुप्रथाओं पर नकेल कसने के लिए बेहद कड़े कानून लागू कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने अंत में यह भी दोहराया कि केंद्र तथा राज्य सरकारों के आपसी मजबूत तालमेल से सभी भर्ती परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और जो कोई भी युवा वर्ग के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।










