कोच्चि, 23 जुलाई।
भारतीय नौसेना के नेतृत्व में आयोजित चार दिवसीय बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास ‘ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2’ गुरुवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 20 से 23 जुलाई तक दक्षिणी नौसैनिक कमान, कोच्चि में आयोजित इस अभ्यास में 27 देशों के 276 प्रतिभागियों, 76 प्रशिक्षकों एवं विषय विशेषज्ञों तथा चार अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने हिस्सा लिया।
अभ्यास का आयोजन भारतीय नौसेना के नेतृत्व वाले संयुक्त कार्यबल 154 और दक्षिणी नौसैनिक कमान के तत्वावधान में किया गया। इसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना, विभिन्न देशों की नौसेनाओं के बीच परिचालन समन्वय मजबूत करना और साझा चुनौतियों से निपटने की क्षमता विकसित करना था।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को समुद्री क्षेत्र जागरूकता, सूचना साझा करने की प्रणाली, समुद्री कानून, मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के उपाय, बल सुरक्षा, असममित समुद्री खतरों से निपटने की रणनीति, मानव रहित समुद्री प्रणालियों और समुद्री अभियानों से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
अभ्यास का उद्घाटन 20 जुलाई को दक्षिणी नौसैनिक कमान मुख्यालय में प्रशिक्षण प्रमुख रियर एडमिरल दीपक सिंघल ने किया। इस अवसर पर संयुक्त समुद्री बलों के उप कमांडर कमोडोर डैन थॉमस, वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारी और सहभागी देशों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वहीं समापन समारोह में संयुक्त कार्यबल 154 के कमांडर कमोडोर मिलिंद एम. मोकाशी ने कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी दी तथा प्रशिक्षकों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
भारतीय नौसेना के विशेषज्ञों के अलावा हिंद महासागर सूचना समन्वय केंद्र, संयुक्त समुद्री बलों के संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र, संयुक्त राष्ट्र के मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून संस्थान के विशेषज्ञों ने भी प्रशिक्षण सत्र संचालित किए।
नौसेना के अनुसार प्रतिभागियों को सैद्धांतिक प्रशिक्षण के साथ क्षति नियंत्रण, अग्निशमन, समुद्री संचार, समुद्र में जीवित रहने की तकनीक, जहाज पर चढ़ने की प्रक्रिया और भारतीय युद्धपोत पर व्यावहारिक समुद्री अभ्यास भी कराया गया। चार दिनों में कुल 3,800 प्रशिक्षण मानव-घंटे पूरे किए गए।
भारतीय नौसेना ने कहा कि इस अभ्यास से विभिन्न देशों की नौसेनाओं और समुद्री एजेंसियों के बीच परिचालन समन्वय, आपसी विश्वास और पेशेवर सहयोग को नई मजबूती मिली है। साथ ही भारतीय नौसेना ने अपने आधुनिक प्रशिक्षण ढांचे, उन्नत सिमुलेटर और पेशेवर विशेषज्ञता का भी प्रभावी प्रदर्शन किया।











