नई दिल्ली, 23 जुलाई।
बांग्लादेशी क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज इबादत हुसैन आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेली जाने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, वह अपने पहले बच्चे के जन्म के कारण देश में ही रुकेंगे और ऑस्ट्रेलियाई दौरे के लिए रवाना होने वाले दल का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।
बांग्लादेश की टीम 13 अगस्त से डार्विन के मैदान पर शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उतरेगी। यह सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के 2025-27 चक्र के अंतर्गत खेली जा रही है। मौजूदा समय में बांग्लादेश इस अंकतालिका में चौथे पायदान पर काबिज है और इस आगामी श्रृंखला में दमदार प्रदर्शन कर अपनी स्थिति को और अधिक बेहतर करना चाहेगा।
इबादत के बाहर होने से उपजे झटके के बीच टीम प्रबंधन के लिए एक राहत भरी खबर भी सामने आई है। तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने ऑस्ट्रेलिया दौरे की बेहतर और पुख्ता तैयारी करने के उद्देश्य से श्रीलंका प्रीमियर लीग से अपना नाम वापस खींच लिया है।
तस्कीन ने अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि उनका मुख्य फोकस केवल ऑस्ट्रेलियाई दौरे की तैयारी पर है क्योंकि जिम्बाब्वे में लगातार छह मैच खेलने के बाद अगर वह एलपीएल में भी हिस्सा लेते तो सीधे ऑस्ट्रेलिया जाने पर टेस्ट मैच की तैयारी पर बहुत बुरा असर पड़ता। उन्होंने कहा कि थोड़ा आर्थिक नुकसान सहन करने के बावजूद उन्होंने यह फैसला किया है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐसी बड़ी टेस्ट सीरीज बार-बार देखने को नहीं मिलती है।
टीम के अन्य खिलाड़ियों की बात करें तो नाहिद राणा की फिटनेस प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि उनके शरीर के साइड हिस्से में लगी चोट की स्कैन रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसके अलावा अनुभवी बल्लेबाज लिटन दास भी अपनी पिंडली की चोट से पूरी तरह उबरने की प्रक्रिया में हैं और टीम को पूरी उम्मीद है कि वह ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध मैदान पर उतरने के लिए पूरी तरह फिट मिलेंगे।
बांग्लादेश का यह पूरा स्क्वाड अगले महीने की शुरुआत में ही ऑस्ट्रेलिया की धरती पर पहुंच जाएगा, जहां वे 3 अगस्त से डार्विन में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया एकादश के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेलकर अपनी तैयारियों को परखेंगे।
टीम के बल्लेबाजी कोच ने हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ टेस्ट मैच में मिली करारी हार के बावजूद अपने सभी बल्लेबाजों की काबिलियत पर गहरा भरोसा जताया है।
कोच ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में परिस्थितियां बेहद कठिन होने वाली हैं लेकिन सकारात्मक पहलू यह है कि टीम 10 से 12 दिन पहले वहां पहुंच जाएगी जिससे अभ्यास मैच खेलने का सुनहरा अवसर मिल सकेगा। यदि सभी खिलाड़ी पूरी तरह फिट रहते हैं तो वे मैदान पर बेहतरीन प्रदर्शन करने का माद्दा रखते हैं।
उन्होंने आगे जोड़ा कि बीते सात महीनों के दौरान उनके बल्लेबाजों का प्रदर्शन बहुत शानदार रहा है और केवल एक खराब सीरीज या एक खराब टेस्ट मैच के आधार पर निराश हो जाना बिल्कुल सही नहीं है। अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने के कारण खिलाड़ियों को मूल्यवान अनुभव प्राप्त हुआ है और पूरा विश्वास है कि वे ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में भी अपनी छाप छोड़ेंगे।
इस पूरे दौरे के कार्यक्रम के तहत पहला टेस्ट मुकाबला 13 से 17 अगस्त तक डार्विन में खेला जाएगा, जबकि दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच 22 से 26 अगस्त के बीच मैके के मैदान पर आयोजित होगा।










