काठमांडू, 24 जुलाई।
नेपाल आने और वहां से बाहर जाने वाले यात्रियों को अब 5,000 अमेरिकी डॉलर तक की विदेशी मुद्रा नकद रूप में साथ रखने और ले जाने की अनुमति होगी। यह व्यवस्था विदेशी विनिमय अधिनियम और संपत्ति शुद्धीकरण (मनी लॉन्ड्रिंग) निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत लागू की गई है।
नेपाल राष्ट्र बैंक ने बताया कि नकद विदेशी मुद्रा की सीमा को लेकर 16 जुलाई 2018 और 9 अप्रैल 2019 को जारी व्यवस्थाओं को दोबारा स्पष्ट किया गया है। साथ ही नेपाली और भारतीय नागरिकों के लिए 25 हजार भारतीय रुपये तक नकद रखने की मौजूदा सीमा भी यथावत रखी गई है।
वर्तमान नियमों के अनुसार नेपाली और विदेशी नागरिक 5,000 अमेरिकी डॉलर तक या उसके बराबर ऐसी विदेशी मुद्रा, जिसकी विनिमय दर राष्ट्र बैंक प्रकाशित नहीं करता, बिना सीमा शुल्क घोषणा के नेपाल ला सकते हैं। इससे अधिक राशि होने पर सीमा शुल्क घोषणा पत्र भरना और उसका सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।
नेपाल राजपत्र में प्रकाशित प्रावधान के अनुसार 9 नवंबर 2016 से पहले प्रचलन में रहे 500 और 1000 रुपये के भारतीय नोटों का लेनदेन नहीं किया जा सकेगा। वहीं 9 नवंबर 2016 के बाद जारी 200 और 500 रुपये के भारतीय नोट निर्धारित नियमों के तहत प्रति व्यक्ति 25 हजार रुपये तक नेपाल लाने, ले जाने और विनिमय कराने की अनुमति रहेगी।
केंद्रीय बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि नेपाली नागरिकों को भारत के अलावा किसी अन्य देश में भारतीय रुपये ले जाने या किसी अन्य देश से नेपाल में भारतीय रुपये लाने की अनुमति नहीं होगी।















