भोपाल, 24 जुलाई।
प्रदेश में महिला और बाल विकास से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने विभागीय अधिकारियों के प्रशासनिक पुनर्व्यवस्थापन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विकासखंड महिला सशक्तिकरण अधिकारियों के पदों के पारदर्शी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के लिए तत्काल कार्रवाई करने को कहा है।
मंत्री ने कहा कि विभाग के बढ़ते कार्यक्षेत्र और नई योजनाओं को देखते हुए मैदानी अमले की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। एकीकृत बाल विकास सेवा और महिला सशक्तिकरण संचालनालय के एकीकरण के बाद भी योजनाओं का दायरा बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप मैदानी स्तर पर निगरानी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत बनाया जाएगा।
निर्मला भूरिया ने बताया कि प्रशासनिक पुनर्व्यवस्थापन के तहत विकासखंड महिला सशक्तिकरण अधिकारियों के पदों को संचालनालयों, महिला एवं बाल संरक्षण संस्थाओं, संभागीय और जिला कार्यालयों, क्षेत्रीय समन्वय कार्यालयों तथा प्रशिक्षण केंद्रों के सेटअप में शामिल किया जाएगा। साथ ही विभिन्न आयोगों और निगमों में आवश्यकता के अनुसार कुछ पद प्रतिनियुक्ति के लिए आरक्षित किए जाएंगे।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पदों के पुनर्व्यवस्थापन, प्रतिनियुक्ति और सेटअप से जुड़ी प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। इसके साथ ही विभागीय भर्ती नियमों की समीक्षा कर प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि इन बदलावों से विभागीय समन्वय बेहतर होगा और महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण तथा कुपोषण नियंत्रण जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी।














