रायपुर, 24 जुलाई।
छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों पर बढ़ते बिजली बिल बकाये को देखते हुए राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने 10 हजार से अधिक सरकारी बिजली कनेक्शन स्थायी रूप से काट दिए हैं। इन कनेक्शनों पर करीब 51 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया था। साथ ही 1 अगस्त से सरकारी कार्यालयों में प्री-पेड बिजली व्यवस्था लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
बिजली वितरण कंपनी के अनुसार, राज्य के 40 सरकारी विभागों पर 3,432 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी है, जिससे कंपनी के वित्तीय प्रबंधन पर लगातार दबाव बना हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित विभागों को कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन भुगतान नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जिन कनेक्शनों का भविष्य में दोबारा उपयोग किया जाएगा, उन्हें चालू कराने से पहले पूरा बकाया जमा करना अनिवार्य होगा। वहीं जिन परिसरों में बिजली आपूर्ति जारी है, वहां ड्यूज रिकवरी एक्ट के तहत बकाया राशि की वसूली की जाएगी। यह कार्रवाई रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरबा, रायगढ़, महासमुंद, जांजगीर और राजनांदगांव सहित कई सर्कलों में की गई है।
सरकार की ओर से विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक बकाया नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग पर 1,525.18 करोड़ रुपये और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पर 1,057.56 करोड़ रुपये है। इसके अलावा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित अन्य विभागों पर भी बड़ी राशि बकाया है।
बिजली कंपनी ने कहा कि पेयजल आपूर्ति, सरकारी अस्पताल, स्ट्रीट लाइट और स्कूल जैसी आवश्यक सेवाओं के कनेक्शन सीधे नहीं काटे जाएंगे। साथ ही 1 अगस्त 2026 से सभी सरकारी कार्यालयों में प्री-पेड मीटर व्यवस्था लागू की जाएगी।















