भोपाल, 25 जुलाई।
राजधानी भोपाल में रिहायशी इलाकों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ नगर निगम की प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है। पहले चरण में 429 दुकानों, कार्यालयों, बैंकों और शोरूमों को नोटिस जारी किए गए हैं। नगर निगम का अनुमान है कि शहर में करीब 30 हजार व्यावसायिक प्रतिष्ठान नियमों के विपरीत संचालित हो रहे हैं। इस बीच भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई है।
नगर निगम ने मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम-2012 और नगर निगम अधिनियम के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों को 27 जुलाई तक वैध अनुमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने या नियमों का पालन नहीं करने पर सीलिंग की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। निगम का कहना है कि यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में की जा रही है। 30 जुलाई तक न्यायालय में शपथ-पत्र प्रस्तुत किया जाना है, जबकि मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को निर्धारित है।
शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष गोविंद गोयल ने कहा कि वर्षों से संचालित व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सीमित समय देकर बंद करना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे हजारों छोटे व्यापारियों और उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी। उनका कहना था कि अधिकांश व्यापारियों के पास नगर निगम लाइसेंस, जीएसटी पंजीयन और गुमास्ता लाइसेंस जैसे आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं, इसलिए बिना वैकल्पिक व्यवस्था के कार्रवाई उचित नहीं होगी।
चैंबर ने सरकार और प्रशासन से शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में मिक्स्ड लैंड यूज नीति लागू कर पुराने व्यापारिक प्रतिष्ठानों को वैधानिक मान्यता देने की मांग की है। साथ ही नए मास्टर प्लान के लागू होने तक नगर निगम की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने और व्यापारियों के पुनर्वास अथवा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।
व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को ज्ञापन भी सौंपा है। चैंबर का कहना है कि यदि कार्रवाई पर रोक नहीं लगी तो शहर के सभी व्यापारिक संगठनों की संयुक्त बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। वहीं नगर निगम का कहना है कि अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर, बावड़िया कला, कोलार रोड, अशोका गार्डन, इंद्रपुरी, पिपलानी, 10 नंबर क्षेत्र और संत हिरदाराम नगर सहित कई रिहायशी इलाकों में नियमों के विपरीत संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के विरुद्ध चरणबद्ध कार्रवाई की जा रही है।















