भोपाल, 25 जुलाई।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे देशभर के छात्रों, अभिभावकों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक दबाव का परिणाम है और इससे जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया की शुरुआत हुई है।
पटवारी ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं, परीक्षा संबंधी विवादों और कथित पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों को प्रभावित किया है। उनका कहना है कि विभिन्न परीक्षाओं के निरस्त होने और कथित अनियमितताओं से युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने दावा किया कि छात्रों और युवाओं के आंदोलन ने सरकार पर जवाबदेही तय करने का दबाव बनाया।
उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों से जुड़े मुद्दों को संसद और सड़क दोनों जगह लगातार उठाया तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। उनके अनुसार, मौजूदा घटनाक्रम उसी लोकतांत्रिक दबाव का परिणाम है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा अंत नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की।
पटवारी ने कहा कि देश का युवा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही चाहता है तथा इन मुद्दों पर अपनी आवाज आगे भी बुलंद करता रहेगा।














