नई दिल्ली, 25 जुलाई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत उनका इस्तीफा मंजूर किया गया है।
इसके साथ ही राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रल्हाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपने की मंजूरी दे दी है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।
धर्मेंद्र प्रधान ने हाल के पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय छात्रों के हितों की रक्षा और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उनके अनुसार, शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे अपने इस्तीफा पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वह देश और छात्रों के व्यापक हित को सर्वोपरि मानते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार और युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने के प्रयास आगे भी जारी रखेगी।
राष्ट्रपति सचिवालय की अधिसूचना के बाद अब केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी अपने वर्तमान विभागों के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त दायित्व भी संभालेंगे।














