नई दिल्ली, 25 जुलाई।
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "देर आए, दुरुस्त आए।" उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री इस विषय पर जल्द ही समयोचित निर्णय लेंगे।
शनिवार को मीडिया से बातचीत में डॉ. जोशी ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन समाप्त करने का स्वागत किया। उन्होंने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि अब शिक्षा व्यवस्था में सामान्य माहौल बहाल होने की उम्मीद है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारतीय शिक्षा जगत में शांति स्थापित होगी और छात्रों को अपने भविष्य तथा प्रगति के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे। उनके अनुसार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि देश के छात्र राष्ट्र का भविष्य हैं और उनकी चिंताओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौजूदा घटनाक्रम के बाद शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।















