रायपुर, 25 जुलाई।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती घोटाले और कथित पेपर लीक मामले में आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। पहले से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद सोनवानी को प्रोडक्शन वारंट पर विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 31 जुलाई 2026 तक ईडी की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया गया।
इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नवंबर 2024 में भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने के आरोप में सोनवानी को गिरफ्तार किया था। अब ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामले की जांच कर रही है। एजेंसी कथित अवैध लेन-देन, मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क और रिश्वत की रकम के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच करेगी।
ईडी ने सोनवानी के खिलाफ पीएमएलए, 2002 की धारा 3 और धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि उसे ₹45 लाख के एक वित्तीय लेन-देन का सुराग मिला है, जिसे कथित तौर पर एक पारिवारिक समिति के माध्यम से कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) दान के नाम पर प्राप्त किया गया था। एजेंसी अब इस राशि के स्रोत और उसके उपयोग की जांच कर रही है।
सीजीपीएससी भर्ती घोटाले की जांच में आरोप है कि वर्ष 2020-21 की राज्य सेवा परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक, परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता और प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को कथित रूप से लाभ पहुंचाया गया। मामले में पहले ही तत्कालीन सचिव, परीक्षा नियंत्रक सहित कई आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ईडी अब मामले के आर्थिक पहलुओं और धन के कथित अवैध प्रवाह की विस्तृत जांच कर रही है।















