पटना, 25 जुलाई।
नीट पेपर लीक मामले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई के विरोध में शनिवार को बुलाए गए बिहार बंद का असर राज्य के कई जिलों में देखने को मिला। विभिन्न छात्र संगठनों के आह्वान पर प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। कुछ जिलों में प्रदर्शन के दौरान हिंसा, पथराव और पुलिस कार्रवाई की घटनाएं भी सामने आईं। हालांकि दोपहर बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आने के बाद अधिकांश स्थानों पर आंदोलन शांत हो गया।
राजधानी पटना के डाक बंगला चौराहे पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और सड़क जाम कर दी। पुलिस द्वारा समझाइश के बावजूद प्रदर्शन जारी रहने पर दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पथराव की घटना सामने आई, जिसके जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को हटाया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया।
सबसे गंभीर स्थिति सीवान में देखने को मिली, जहां प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पथराव हुआ। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और फायरिंग भी की। घटना में गोली लगने से तीन लोग घायल हो गए। पथराव में पुलिस अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, प्रदर्शनकारियों और कुछ राहगीरों के घायल होने की भी सूचना है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 100 लोगों को हिरासत में लिया। सुरक्षा के मद्देनजर शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
छपरा में भी बंद का व्यापक असर रहा। प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों पर जाम लगाया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। सुरक्षा के दृष्टिकोण से कई बाजार और थोक मंडियां बंद रहीं। बड़े वाहनों का संचालन भी प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दोपहर बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की सूचना मिलने के बाद पटना, मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में छात्रों ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। हालांकि कुछ क्षेत्रों में छिटपुट प्रदर्शन जारी रहे, लेकिन अधिकांश जिलों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई।















