भोपाल, 25 जुलाई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. गोविंद नारायण सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को उनके जीवन से सेवा, समर्पण और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और जनता की सेवा करना होना चाहिए।
शनिवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के सेंट्रल हॉल में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्व. गोविंद नारायण सिंह के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, जनप्रतिनिधि और स्व. सिंह के परिजन भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. गोविंद नारायण सिंह अपनी सादगी, सहज व्यवहार और जनसरोकारों के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को समझते हुए जनहित को प्राथमिकता दी। उनके विचार और कार्यशैली आज भी जनप्रतिनिधियों और युवाओं के लिए प्रेरणादायक हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1967 में मुख्यमंत्री बनने के बाद स्व. सिंह ने प्रशासन में जवाबदेही बढ़ाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए। उनका कार्यकाल प्रदेश की राजनीति में बदलाव और जनहित आधारित शासन का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री ने सभी से उनके आदर्शों पर चलने और विकसित, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा में कहा कि स्व. गोविंद नारायण सिंह प्रदेश की संविद सरकार की राजनीति के प्रमुख स्तंभ थे और उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि स्व. सिंह ने निष्पक्षता और समाज सेवा के माध्यम से अलग पहचान बनाई तथा लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत किया। मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की उस पहल की भी सराहना की, जिसके तहत पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व विधानसभा अध्यक्षों की जयंती एवं पुण्यतिथि पर विधानसभा में पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।















