नई दिल्ली, 25 जुलाई।
सीबीआई ने रिश्वतखोरी के एक मामले में दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के डिप्टी चीफ सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर को हावड़ा स्टेशन पर चार लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। इस मामले में कोलकाता स्थित एमआरटी सिग्नल्स लिमिटेड के दो प्रतिनिधियों को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि रेलवे अनुबंध से जुड़े मामलों में अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले रिश्वत ली जा रही थी।
सीबीआई के अनुसार, दर्ज प्रकरण में आरोप है कि डिप्टी चीफ सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर सत्यम कुमार ने एमआरटी सिग्नल्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर साजिश रची। आरोपित पर चक्रधरपुर मंडल में कंपनी के सिग्नल एवं दूरसंचार कार्यों से जुड़ी प्राइस वैरिएशन क्लॉज (पीवीसी), कॉन्ट्रैक्ट वैरिएशन फाइल और अन्य आधिकारिक प्रक्रियाओं में अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
जांच में यह भी सामने आया कि इसी मामले में मई महीने के दौरान आरोपित अधिकारी पांच लाख रुपये की रिश्वत पहले ही ले चुका था। इसके बाद उसने शेष राशि के रूप में चार लाख रुपये और मांगे। शिकायत मिलने पर सीबीआई ने जाल बिछाया और हावड़ा रेलवे स्टेशन पर अधिकारी को कंपनी के प्रतिनिधियों से चार लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर जब्त कर ली गई।
गिरफ्तार आरोपितों में दक्षिण पूर्व रेलवे, चक्रधरपुर के डिप्टी चीफ सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर सत्यम कुमार, एमआरटी सिग्नल्स लिमिटेड के प्रतिनिधि सुब्रत चक्रवर्ती और राजू पंडित शामिल हैं।
सीबीआई ने पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में आरोपितों के आवासीय और कार्यालय परिसरों में भी तलाशी ली। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं। सभी आरोपितों को सक्षम अदालत में पेश किया जा रहा है।
सीबीआई का कहना है कि पश्चिम बंगाल में रिश्वतखोरी के मामले में कई वर्षों बाद यह उसका पहला ट्रैप ऑपरेशन है। मामले की जांच जारी है।














