भोपाल, 25 जुलाई।
मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के करीब 90 हजार अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें अब प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में 10 दिन का आकस्मिक अवकाश (सीएल) देने का निर्णय लिया है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने शनिवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इस संबंध में विभागीय आदेश जल्द जारी किए जाएंगे।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया है। अब तक अतिथि शिक्षकों को पूरे शैक्षणिक सत्र में आकस्मिक अवकाश की सुविधा नहीं मिलती थी। नई व्यवस्था के अनुसार पदभार ग्रहण करने के साथ ही शिक्षक एक दिन का सीएल लेने के पात्र होंगे। इसके बाद प्रत्येक 30 दिन की सेवा पूरी होने पर एक अतिरिक्त सीएल जुड़ती जाएगी।
नई व्यवस्था में यह भी तय किया गया है कि एक बार में अधिकतम तीन आकस्मिक अवकाश ही लिए जा सकेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग को इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
इससे पहले लोक शिक्षण संचालनालय ने करीब पांच हजार ऐसे अतिथि शिक्षकों को भी राहत दी थी, जिनकी पिछले सत्र में 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस पूरी नहीं होने के कारण री-जॉइनिंग अटकी हुई थी। विभाग ने इस शर्त में छूट देते हुए उन्हें दोबारा कार्यभार ग्रहण करने की अनुमति प्रदान की है। हालांकि, री-जॉइनिंग के बाद नियमित ई-अटेंडेंस दर्ज करना अनिवार्य रहेगा।
सरकार के इस फैसले से अतिथि शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की उम्मीद है। आकस्मिक अवकाश की सुविधा मिलने से पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी आपात परिस्थितियों में उन्हें राहत मिलेगी। सरकार का कहना है कि शिक्षकों के हितों की रक्षा और सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगातार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।














