नई दिल्ली, 27 जुलाई।
संसद के दोनों सदनों में आज हंगामा छाया रहा, जिसकी शुरुआत सुबह 11 बजे लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला द्वारा स्कॉटलैंड के ग्लासगो में हुए 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों व भारोत्तोलकों की शानदार उपलब्धियों पर बधाई देने के साथ हुई।
जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करने का प्रयास किया गया, विपक्ष के सदस्यों ने नीट मुद्दे पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जिस पर कड़ा रुख अपनाते हुए पीठासीन अधिकारी ने सदन की गरिमा बनाए रखने की चेतावनी दी और कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
ठीक इसी प्रकार राज्यसभा में भी सुबह की कार्यवाही के दौरान सभापति सी.पी. राधाकृष्णन के समक्ष विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने नियम 267 के तहत छात्र आंदोलन पर चर्चा की मांग उठाई और भारी शोरगराबे के बीच उच्च सदन की कार्यवाही भी बार-बार बाधित होकर स्थगित होती चली गई।
दोपहर के सत्र में लोकसभा के भीतर डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया गया, जिसमें पेपर लीक जैसे गंभीर अपराधों पर दस साल तक की कैद, दस करोड़ तक के जुर्माने और संपत्ति जब्ती जैसे कड़े प्रावधानों के साथ-साथ त्वरित सुनवाई हेतु विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करने का प्रस्ताव है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि इस महत्वपूर्ण विधेयक पर कुल 91 संशोधन नोटिस मिले हैं और लगभग छह घंटे की चर्चा तय की गई है, ताकि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मसले पर सभी दल खुलकर अपनी बात रख सकें।
इसके बावजूद विपक्षी सांसदों का विरोध थम नहीं सका और वे नीट के विरोध में दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग पर अड़े रहे, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही शाम 5 बजे तक के लिए और राज्यसभा की कार्यवाही भी विभिन्न विधेयकों, जैसे कि राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन विधेयक, को पेश करने के दौरान हुए हंगामे के चलते बार-बार स्थगित करनी पड़ी।

















