झांसी, 27 जुलाई।
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में प्रॉपर्टी के पुराने विवाद के चलते अंजाम दी गई संजय सिंह की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने आखिरकार पर्दाफाश कर दिया है। नवाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत करगुवाजी इलाके में हुई मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने दो मुख्य आरोपितों को धर दबोचा, जिनके पास से हथियार और वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली गई है।
एसपी सिटी प्रीति सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस और स्वाट टीम ने भैंसासुर बब्बा मंदिर के पास घेराबंदी की थी। इस दौरान जवाबी कार्रवाई में जीम सैफी उर्फ भीम के पैर में गोली जा लगी, जिसे तुरंत इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जबकि उसका साथी धर्मेंद्र सिंह परिहार भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
बीती 24 जुलाई को मृतक के भाई सर्वेश सिंह द्वारा नवाबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिसके अनुसार 23 जुलाई की रात दतिया से दर्शन कर लौटते वक्त एक रेस्टोरेंट में भोजन करते समय संजय के सिर में गोली मार दी गई थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतक प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य करता था और जमीन के कब्जे को लेकर अजय यादव तथा धर्मेंद्र सिंह परिहार से उसकी तनातनी चल रही थी, जिसके चलते संजय ने दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास भी किया था।
इसी रंजिश के कारण आरोपियों ने सुपारी देकर इस खौफनाक कत्ल की साजिश रची थी, जिसमें पचास हजार रुपये एडवांस भी दिए गए थे। घटना की रात रेकी करने के बाद हुसैन उर्फ खड्ड ने रेस्टोरेंट के अंदर संजय के सिर में गोली मारी थी, और अब पुलिस बाकी फरार चल रहे आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

















