शिमला, 27 जुलाई।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी के शिमला जिले में नशा तस्करों के खिलाफ खाकी का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है, जहां पुलिस ने वित्तीय जांच के आधार पर ड्रग्स की कमाई से बनाई गई करीब सत्रह लाख रुपये की अवैध संपत्ति को फ्रीज कर जब्त कर लिया है। रोहड़ू थाने में दर्ज एक पुराने मुकदमे की गहराई से तफ्तीश के बाद यह बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई है।
बता दें कि बीते 2 फरवरी को रोहड़ू क्षेत्र के महेन्दली पुल के नजदीक पुलिस ने पंजाब के रहने वाले तस्करों जशनदीप सिंह और धर्मप्रीत सिंह की टैक्सी से चौरासी ग्राम हेरोइन बरामद की थी। उस दौरान भी पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लेकर एनडीपीएस एक्ट और बीएनएस की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया था।
मामले की कड़ियां जोड़ते हुए जब पुलिस टीम ने बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाले, तो अन्य शातिर भी पुलिस के हत्थे चढ़ गए और सभी के खिलाफ अदालत में चालान पेश कर दिया गया। आगे की वित्तीय छानबीन में यह पुख्ता हुआ कि शुभम दरकाल नामक मुख्य आरोपी ने अवैध नशा तस्करी के काले धन से एक शानदार लग्जरी गाड़ी खरीदी थी और मौके से मिली नकदी भी अवैध कमाई का ही हिस्सा थी।
इस कड़ी कार्रवाई के तहत एनडीपीएस अधिनियम की धारा अड़सठ-एफ के अंतर्गत उक्त वाहन और नकदी को जब्त करने के आधिकारिक आदेश जारी किए गए। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक कुल सात मामलों में पच्चीस आरोपियों की चार करोड़ उनतीस लाख रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है, जो प्रदेश में अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
एसएसपी गौरव सिंह ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि अपराधियों के खिलाफ केवल धरपकड़ तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनके आर्थिक साम्राज्य को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए अवैध रूप से जुटाई गई हर संपत्ति को कानून के दायरे में लाकर जब्त किया जाएगा।

















