शिमला, 29 जुलाई।
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है जिससे शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। राज्य सरकार ने वार्षिक वेतनवृद्धि की तारीख से ठीक पहले रिटायर हुए प्रधानाचार्यों और स्कूल प्रवक्ताओं को बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है।
शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं जिसके तहत अब इन अधिकारियों को नोशनल इन्क्रीमेंट का लाभ दिया जाएगा। वित्त विभाग की मंजूरी मिलने के बाद यह आदेश लागू हुआ है और इसके आधार पर संबंधित कर्मचारियों की पेंशन तथा अन्य सेवानिवृत्ति लाभों का नया निर्धारण किया जाएगा।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह काल्पनिक वेतनवृद्धि केवल पेंशन और उससे जुड़े लाभों की गणना के लिए ही मान्य होगी। यानी रिटायरमेंट के बाद की अवधि का कोई भी नकद एरियर या अन्य वित्तीय लाभ देय नहीं होगा और केवल संशोधित पेंशन ही मिलेगी।
पहले चरण में केवल बिलासपुर जिले के आठ सेवानिवृत्त प्रधानाचार्यों को इस योजना का लाभ मिलने की शुरुआत कर दी गई है। इन अधिकारियों के मूल वेतन में एक अतिरिक्त वार्षिक वेतनवृद्धि जोड़कर उनकी पेंशन की राशि नए सिरे से तय की जाएगी।
भुगतान करने से पहले शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित सेवा अभिलेखों की बारीकी से सत्यापन करने के सख्त निर्देश दिए हैं। यदि जांच के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या ज्यादा भुगतान का मामला पकड़ा जाता है तो नियमानुसार कर्मचारी से वसूली की जाएगी।
सरकार के इस कदम से उन सभी शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है जो तारीख की तकनीकी वजह से इस लाभ से वंचित रह गए थे।















