राजगढ़, 29 जुलाई।
राजगढ़ जिले के बोड़ा थाना क्षेत्र के कड़ियासांसी गांव में चोरी के आरोपितों को पकड़ने पहुंची मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। मंगलवार रात हुई इस घटना में बोड़ा थाना के दो आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले की पुलिस टीम का एक जवान भी मामूली रूप से घायल हुआ।
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह नामजद आरोपितों समेत अन्य लोगों के खिलाफ बलवा, शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और पथराव सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के दौरान दो आरोपितों को हिरासत में लिया गया है।
थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि ललितपुर जिले में दर्ज चोरी के एक मामले के आरोपितों की तलाश में उत्तर प्रदेश पुलिस की सात सदस्यीय टीम, बोड़ा थाना पुलिस के करीब दस जवानों के साथ मंगलवार रात कड़ियासांसी गांव पहुंची थी। पुलिस ने जैसे ही आरोपितों को हिरासत में लेने का प्रयास किया, उनके परिजन और अन्य ग्रामीण विरोध में उतर आए। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और पुलिस टीम पर चारों तरफ से पथराव शुरू हो गया। इस हमले में आरक्षक कपिल अटारिया और विनोद अहिरवार गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को पहले पचोर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ब्यावरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों पुलिसकर्मियों की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है।
पुलिस ने इस मामले में छह नामजद आरोपितों समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। नामजद आरोपितों में लालू पुत्र कुमेर सांसी, उसका भाई नितिन सांसी, मां शकीना, सुचेता, काला सांसी और भगवान सिंह पुत्र चैनसिंह सांसी शामिल हैं। इनमें से सुचेता और काला सांसी को हिरासत में ले लिया गया है। बुधवार सुबह जिले के पांच से छह थानों की पुलिस ने गांव में दबिश देकर फरार आरोपितों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शेष आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

















