नई दिल्ली, 29 जुलाई।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू उस्मानपुर थाना क्षेत्र में हुए ब्लाइंड मर्डर केस का पुलिस ने महज सात घंटे में खुलासा करते हुए हत्या के आरोप में दो नाबालिगों को पकड़ लिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और घटना के समय पहने गए कपड़े भी बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया कि दोनों किशोर एक फैक्ट्री में काम करते थे और मृतक की कथित हरकतों से परेशान होकर उन्होंने हत्या की साजिश रची थी।
पुलिस के अनुसार, 28 जुलाई की सुबह करीब 11:30 बजे सूचना मिली थी कि डीडीए पार्क के भीतर एक गड्ढे में एक युवक का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, जहां करीब 18 वर्षीय अज्ञात युवक का शव मिला। उसके शरीर पर चाकू के कई घाव थे। घटनास्थल के पास खून से सना चाकू भी बरामद हुआ। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रिया के लिए जेपीसी अस्पताल की मोर्चरी भेजा गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया, जिसने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद न्यू उस्मानपुर थाने में एफआईआर संख्या 514/2026 दर्ज कर हत्या के मामले की जांच शुरू की गई।
पुलिस उपायुक्त राहुल अलवाल ने बताया कि मामले के शीघ्र खुलासे के लिए एसीपी सीलमपुर मलकीयत सिंह की निगरानी में विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी, तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय स्तर से जुटाई गई जानकारी के आधार पर मृतक की पहचान लोनी, गाजियाबाद निवासी 16 वर्षीय साद उर्फ नामी के रूप में हुई।
इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर लोनी के बेहटा हाजीपुर निवासी 16 और 17 वर्षीय दो नाबालिगों को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। उन्होंने बताया कि वे एक फैक्ट्री में काम करते हैं और मृतक उन्हें अक्सर धमकाता, परेशान करता तथा बदमाशी करता था। इससे परेशान होकर उन्होंने 27 जुलाई को साद को चप्पल खरीदने के बहाने डीडीए पार्क बुलाया। वहां कहासुनी के बाद दोनों ने चाकू से कई वार किए और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और वारदात के समय पहने गए कपड़े बरामद कर लिए हैं। मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

















