शिमला, 29 जुलाई।
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में मानसून का प्रकोप लगातार जारी है जिसके चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में पिछले चौबीस घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कई जिलों में हाई अलर्ट घोषित किया है। खराब मौसम के कारण भूस्खलन जैसी घटनाएं भी सामने आने लगी हैं। रामपुर उपमंडल के अंतर्गत नेशनल हाईवे-5 पर डेट ज्यूरी के पास पहाड़ी से भारी मलबा और पत्थर गिरने के कारण मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया था।
सड़क बंद होने से दोनों तरफ वाहनों लंबी कतारें लग गईं जिसके बाद एनएच प्राधिकरण की मशीनरी को तुरंत रास्ते की बहाली के काम में लगाया गया। प्रशासन की कड़ी मशक्कत के बाद पूर्वाह्न करीब ग्यारह बजे इस महत्वपूर्ण मार्ग को यातायात के लिए सुरक्षित रूप से बहाल कर दिया गया।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक एक सौ बारह मिलीमीटर बारिश पालमपुर में दर्ज की गई है जबकि अन्य क्षेत्रों में भी पानी खूब बरसा है। आने वाले दिनों के लिए मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है ताकि लोग पहले से सतर्क रह सकें।
चम्बा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी समेत कई संवेदनशील जिलों के लिए अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड की बड़ी चेतावनी भी दी गई है। संभावित खतरे को भांपते हुए सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में आज एहतियात के तौर पर सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पूरे प्रदेश में लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण डेढ़ सौ से ज्यादा सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं जिससे आवागमन ठप है। मंडी, कुल्लू और चम्बा जिले इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं जहां बिजली और पानी की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है।
चम्बा शहर के सुल्तानपुर इलाके में फ्लैश फ्लड की घटनाओं के कारण कई मकानों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचने की दुखद खबर मिली है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने में लगातार जुटी हुई हैं।
















