पालमपुर, 29 जुलाई।
देश के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने राजनीतिक व्यवस्था को लेकर एक बेहद गंभीर चिंता जाहिर की है। उन्होंने सभी दलों से अपील की है कि लोकतंत्र को किसी भी कीमत पर भीड़तंत्र बनने से रोका जाए।
अपने हालिया बयान में उन्होंने कहा कि मौजूदा हालातों को देखकर उनका मन काफी उदास हुआ है और व्यवस्था को बचाने के लिए सबको मिलकर आगे आना होगा। हाल ही में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे संघर्ष के बीच दो बहुत बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय सामने आए हैं जिनका स्वागत किया जाना चाहिए।
संसद द्वारा पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या को रोकने के लिए एक बेहद सख्त और ऐतिहासिक कानून पारित किया गया है जिसके लिए विपक्षी दल भी धन्यवाद के पात्र हैं। इस कड़े कानून के लागू होने से ऐसे आपराधिक मामलों पर प्रभावी तरीके से रोक लग सकेगी और युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो पाएगा।
इसके अलावा देश के छह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय विद्वानों की एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है जो इस विषय पर अपने उपयोगी सुझाव देगी। शांता कुमार का मानना है कि इस समिति के सुझावों से इस पुरानी समस्या का एक स्थाई और ठोस समाधान निकलने की पूरी उम्मीद है।
उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों से यह भी आग्रह किया कि वे देशहित में संयम और उच्च मर्यादा का परिचय दें ताकि संस्थाओं की गरिमा बनी रहे।
















