नरसिंहपुर, 30 जुलाई।
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की गाडरवारा तहसील में लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वतखोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए तहसील कार्यालय में पदस्थ बाबू अजय कुमार श्रीवास्तव को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, बरहटा (बरेली) निवासी आशीष कुमार कौरव ने शिकायत की थी कि उनकी जमीन के नक्शा दुरुस्ती से जुड़े प्रकरण में आदेश कराने के बदले बाबू अजय कुमार श्रीवास्तव ने पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में तीन हजार रुपये में सौदा तय हुआ।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद गुरुवार को योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता को तय राशि लेकर आरोपी के पास भेजा गया।
जैसे ही अजय कुमार श्रीवास्तव ने तीन हजार रुपये स्वीकार किए, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की राशि जब्त कर आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
कार्रवाई के दौरान आरोपी बाबू ने प्रारंभिक पूछताछ में दावा किया कि वह यह रकम तहसीलदार के कहने पर ले रहा था। हालांकि लोकायुक्त पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह आरोपी का बयान है और इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
मामले में सभी तथ्यों, दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लोकायुक्त पुलिस जबलपुर के निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया ने बताया कि शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने के बाद ट्रैप कार्रवाई की गई और आरोपी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने तहसीलदार का नाम लिया है, लेकिन इस संबंध में जांच जारी है। दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
















