नई दिल्ली, 30 जुलाई।
रेल मंत्रालय के अधीन नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (आईआरएफसी) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में अब तक का सर्वश्रेष्ठ वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने इस अवधि में सर्वाधिक तिमाही आय, कर पश्चात लाभ और निवल संपत्ति का नया रिकॉर्ड बनाया है। साथ ही शून्य गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (जीरो एनपीए) का रिकॉर्ड भी बरकरार रखा है।
30 जून को समाप्त पहली तिमाही के अलेखा परीक्षित स्टैंडअलोन वित्तीय परिणामों के अनुसार, आईआरएफसी की कुल आय बढ़कर 8,391.34 करोड़ रुपये हो गई है। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आय 6,918.24 करोड़ रुपये थी।
कंपनी का कर पश्चात लाभ (पीएटी) 10.40 प्रतिशत बढ़कर 1,927.21 करोड़ रुपये पहुंच गया है। एक साल पहले इसी अवधि में यह 1,745.69 करोड़ रुपये था।
आईआरएफसी की निवल संपत्ति 30 जून 2026 तक बढ़कर 58,791.95 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। 31 मार्च 2026 को यह 56,748.76 करोड़ रुपये थी। तिमाही के दौरान कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 1.48 प्रतिशत (वार्षिकीकृत) रहा, जबकि एसेट्स अंडर मैनेजमेंट 4.79 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
आईआरएफसी ने कहा कि विविधीकृत ऋण पोर्टफोलियो का विस्तार करने के बावजूद उसने जीरो एनपीए की उपलब्धि बनाए रखी है। इससे कंपनी की ऋण पुस्तिका पूरी तरह स्वस्थ बनी हुई है।
आईआरएफसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज कुमार दुबे ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही कंपनी के लिए मजबूत शुरुआत रही है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड आय, लाभ और निवल संपत्ति कंपनी की आईआरएफसी 2.0 रणनीति, विविधीकरण और उच्च गुणवत्ता वाली परिसंपत्तियों के साथ शून्य एनपीए बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनी रेलवे से जुड़े गतिशीलता क्षेत्र और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में अपनी भागीदारी को और मजबूत करते हुए देश के बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।
















