जयपुर, 31 जुलाई।
फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए पूर्व ताइक्वांडो अकादमी संचालक बालकंवर सैनी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वर्ष 2021-22 की तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती (लेवल-1) में खेल कोटे के तहत फर्जी खेल प्रमाण-पत्र और कूटरचित सत्यापन रिपोर्ट के माध्यम से सरकारी नौकरी दिलाने का प्रयास किया गया था।
एसओजी की जांच में सामने आया कि वर्ष 2017 में आयोजित ओपन ताइक्वांडो प्रतियोगिता के बाद बचे हस्ताक्षरित खाली प्रमाण-पत्रों का गलत इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। इन प्रमाण-पत्रों के आधार पर अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती में लाभ दिलाने की कोशिश की गई।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि अभ्यर्थियों ने फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण-पत्रों के साथ ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया, धनबाद की फर्जी ई-मेल आईडी से तैयार कूटरचित सत्यापन रिपोर्ट भी जमा की थी।
गिरफ्तार आरोपी बालकंवर सैनी (33) निवासी निवारू रोड (खोराबीसल) वर्ष 2017 में ताइक्वांडो अकादमी संचालित करता था। जांच में सामने आया कि राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित ओपन ताइक्वांडो प्रतियोगिता के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित कुछ खाली प्रमाण-पत्र उसे मिले थे। प्रतियोगिता के बाद चार हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र उसके पास रह गए थे।
बाद में ये प्रमाण-पत्र विष्णु भाखड़ीवाल और कप्तान सिंह तक पहुंचे। आरोप है कि विष्णु भाखड़ीवाल ने इनमें अभ्यर्थियों के नाम भरकर फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार किए। प्रत्येक प्रमाण-पत्र के बदले करीब 60 हजार रुपये लिए गए, जिसमें से 20 हजार रुपये बालकंवर सैनी को दिए गए।
जांच में पहले गिरफ्तार आरोपी सियाराम गुर्जर के मामले में सामने आया कि उसने फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र और सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर तृतीय श्रेणी शिक्षक पद पर नियुक्ति हासिल की थी। पूछताछ में कप्तान सिंह ने बताया कि उसने रिश्तेदार मनोज कुमार गुर्जर के कहने पर सियाराम गुर्जर सहित अन्य अभ्यर्थियों के लिए विष्णु भाखड़ीवाल से हस्ताक्षरित खाली प्रमाण-पत्र खरीदे थे।
एसओजी के अनुसार, वर्ष 2022 में कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित तृतीय श्रेणी शिक्षक (लेवल-1) भर्ती में खेल कोटे के तहत चयन प्रक्रिया हुई थी। जांच में 38 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में फर्जी राष्ट्रीय स्तर के ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र मिलने की बात सामने आई है। मामले में कई नियुक्तियों की जांच जारी है।
एसओजी अब आरोपी से पूछताछ कर फर्जी प्रमाण-पत्र गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, पूरे नेटवर्क और लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
















