नई दिल्ली, 31 जुलाई।
भारत ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में कथित अत्याचारों की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए विश्व समुदाय से अपील की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वहां शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग की घटनाएं सामने आई हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मीडिया को इस बात की जानकारी है कि पाकिस्तानी प्रशासन की ओर से पीओजेके में नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई में 40 से अधिक लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी प्रशासन का रवैया तब और स्पष्ट हुआ, जब वहां के रक्षा मंत्री ने विरोध कर रहे नागरिकों को दुश्मन बताया। प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के कुछ अधिकारियों ने यह भी स्वीकार किया है कि पहले जिन लोगों को भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए प्रशिक्षित और हथियार दिए गए थे, वे अब पाकिस्तान के भीतर ही हथियार उठा रहे हैं।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि हिंसक कार्रवाई का सामना कर रहे लोगों ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से कथित गैरकानूनी हत्याओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने विश्व समुदाय से इस मामले में ध्यान देने और उचित कदम उठाने की अपील की।
जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में जुलाई 2026 के अंत में प्रस्तावित क्षेत्रीय चुनावों, आर्थिक मुद्दों और राजनीतिक मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हुए थे। इसके बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की, जिसमें 40 से अधिक लोगों की मौत होने की बात सामने आई है।

















