भोपाल, 31 जुलाई।
राजधानी के शाहपुरा थाना क्षेत्र में खुद को पुलिसकर्मी बताकर वाहन चालकों से रुपये वसूलने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों सिविल ड्रेस में चौराहे पर वाहन रोककर हेलमेट और यातायात नियमों का डर दिखाते हुए लोगों से पैसे मांगते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से नकली पिस्टल बरामद की है।
शाहपुरा थाना प्रभारी संतोष मकराम के अनुसार, गुरुवार रात करीब 9:30 बजे शाहपुरा चौराहे से सूचना मिली थी कि दो युवक पुलिसकर्मी बनकर वाहनों की जांच कर रहे हैं और लोगों से वसूली कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को पकड़ लिया।
घटना के दौरान मौजूद लोगों ने दोनों युवकों को घेर लिया था। कुछ लोगों ने उनका वीडियो भी बनाया। वीडियो में लोग उनसे थाने की जानकारी और पहचान पत्र दिखाने की मांग करते नजर आए। लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि सड़क पर वाहन जांच करने की अनुमति उन्हें किसने दी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमान खान और कार्तिक मिश्रा के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि अमान खान एमपी नगर स्थित एक आईटी कंपनी में एचआर पद पर कार्यरत है, जबकि कार्तिक मिश्रा एलएलबी की पढ़ाई कर रहा है।
तलाशी के दौरान अमान खान की कमर से एक नकली पिस्टल मिली, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। पूछताछ में दोनों ने पहले पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया और खुद को कोहेफिजा थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी बताया, लेकिन जांच में उनका दावा गलत निकला।
बाद में दोनों ने पुलिस को बताया कि वे लोगों के साथ प्रैंक कर रहे थे। हालांकि थाना प्रभारी के अनुसार, इस दावे की पुष्टि के लिए कोई वीडियो रिकॉर्डिंग या अन्य साक्ष्य नहीं मिला है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों युवक सिविल ड्रेस में वाहन चालकों को रोकते थे और हेलमेट नहीं पहनने या अन्य यातायात नियमों का हवाला देकर कार्रवाई का डर दिखाते थे। इसके बाद मौके पर ही रुपये मांगते थे। हालांकि किसी भी व्यक्ति का वैधानिक चालान नहीं किया गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ फर्जी पुलिस बनकर वसूली और धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकलवाकर पुरानी गतिविधियों की जांच कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दोनों ने अब तक कितने लोगों से इस तरह रुपये वसूले हैं। अमान खान के खिलाफ पहले से मारपीट का एक मामला दर्ज है, जबकि कार्तिक मिश्रा का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। मामले की जांच जारी है।

















