दमोह, 31 जुलाई।
दमोह कलेक्ट्रेट परिसर में अब बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाले वाहन चालकों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर शुक्रवार से संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन परिसर में विशेष यातायात जांच अभियान शुरू किया गया।
अभियान के पहले ही दिन कलेक्ट्रेट पहुंचने वाले सभी दोपहिया और चारपहिया वाहनों की सघन जांच की गई। बिना हेलमेट, बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) और बिना सीट बेल्ट के आने वाले लोगों को परिसर में प्रवेश से रोक दिया गया। प्रशासन की इस सख्ती से अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल दिखाई दी।
शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे यातायात थाना प्रभारी दलबीर सिंह मार्को के नेतृत्व में यातायात पुलिस की टीम संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन पहुंची। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर के अधिकांश प्रवेश मार्ग बंद कर केवल मुख्य द्वार से प्रवेश की व्यवस्था की गई।
मुख्य द्वार पर आने वाले प्रत्येक वाहन की जांच की गई। दोपहिया चालकों के हेलमेट, चारपहिया वाहन चालकों की सीट बेल्ट और वाहनों पर एचएसआरपी की जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया।
जांच के दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी बिना हेलमेट के कार्यालय पहुंचते मिले। उन्हें गेट पर रोक दिया गया और नियमों का पालन करने के बाद ही प्रवेश की अनुमति देने की बात कही गई। कुछ कर्मचारियों ने एक दिन की राहत देने का आग्रह किया, वहीं कुछ लोग प्रवेश नहीं मिलने पर बाहर से ही उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास करते नजर आए।
यातायात थाना प्रभारी दलबीर सिंह मार्को ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नियमित रूप से जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट में आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों के लिए यातायात नियमों का पालन अनिवार्य होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों के पालन में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा। बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट या बिना एचएसआरपी के पाए जाने पर शासकीय अधिकारी और कर्मचारी भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। जरूरत पड़ने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।
अभियान के दौरान एएसआई हरिश्चंद्र, आरक्षक कुलदीप, सिद्धांत सहित यातायात पुलिस का अमला मौजूद रहा।
गौरतलब है कि कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने 24 जुलाई को सड़क सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को यातायात नियमों का पालन करने के निर्देश दिए थे। उन्हें हेलमेट और सीट बेल्ट की व्यवस्था करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था।
समय सीमा पूरी होने के बाद शुक्रवार से प्रशासन ने अपने निर्देशों को लागू कर दिया। कलेक्ट्रेट परिसर में हुई सख्त जांच से साफ हो गया है कि अब यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों को राहत नहीं मिलेगी।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और गंभीर चोटों को कम करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल नियम नहीं, बल्कि जीवन सुरक्षा के महत्वपूर्ण साधन हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों के नियम पालन से आम लोगों में भी सकारात्मक संदेश जाएगा।

















